Alkaline Diet Kya Hai? इसके 4 Best फायदे And pH कैसे मापते हैं

Alkaline Diet Kya Hai and PH balance diet plan
Alkaline Diet Kya Hai and PH balance diet plan

हमारे मन में कभी-कभी यह सवाल आता है कि हम जो खाते हैं इसमें Alkaline diet kya hai और Acidic diet kya hai। उसमें क्या कुछ एल्कलाइन होता है या एसिडिक होता है। पहले हम समझ लेते हैं कि alkaline diet kya hai?

Alkaline diet kya hai?

एल्कलाइन डाइट एक प्रकार की आहार व्यवस्था है जिसमें अधिकतर खाद्य पदार्थ शरीर को अल्कलाइन अवस्था में रखने के लिए प्रयोग किए गए होते हैं। इस डाइट का उद्देश्य शारीरिक अम्लीयता को कम करने और शरीर का pH स्तर बनाए रखने में मदद करना है। यह डाइट आमतौर पर ताजा फल, सब्जियाँ, दालें, अदरक, लहसुन, नट्स, अनाज और खीरे जैसे अनुकूल भोजन सामग्रियों पर आधारित होती है। आज कल ऐल्कलाइन डाइट में ऐल्कलाइन वाटर का भी प्रयोग किया जाता है ।  ऐसा कहा जाता है कि इस डाइट से कैंसर जैसे जानलेवा बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है।

शरीर में सही एसिड-अल्कलाइन बैलेंस बनाए रखना क्यों जरूरी है?

शरीर में सही पीएच स्तर का बनाए रखना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, जो एसिड और अल्कलाइन का सही संतुलन बनाए रखने से होता है। यह बैलेंस हमारे त्वचा, पेट, मूत्राशय, और योनि क्षेत्र की रक्षा में मदद करता है, जिनकी सामान्यता में अम्लीयता ज्यादा होती है। एक संतुलित बैलेंस से शरीर के एंजाइम और रासायनिक प्रतिक्रियाएं बेहतर तरीके से काम कर सकती हैं, और इससे शारीरिक कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव होता है। सामान्यत: शरीर का सही पीएच स्तर लगभग 7.4 होता है।

Alkaline Diet Kya Hai जब हम जान जाते हैं तो हम उनका अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करके अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। जब शरीर में एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है, तो सूजन, बीमारियों और विकारों का खतरा बढ़ जाता है। इसके विपरीत, अधिक अल्कलाइन से भरपूर आहार पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकता है।

इसके क्या फायदे हैं?

  1. शारीरिक स्वास्थ्य: एल्कलाइन आहार से हमारे शारीर का एसिड-अल्कलाइन बैलेंस बना रहता है, जिससे हम स्वस्थ रहते हैं।
  2. वजन कमी: इसमें होने वाले फाइबर से वजन कम करना आसान हो जाता है।
  3. ऊर्जा का स्तर: एल्कलाइन आहार खाने से हमारा ऊर्जा का स्तर बना रहता है और हम दिनभर ताजगी से भरे रहते हैं।

कैसे शुरू करें?

  1. फल और सब्जियां: ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां खाएं।
  2. पानी: रोज़ाना पानी पीना भी एल्कलाइनिटी में मदद कर सकता है।
  3. धैर्य: सब कुछ एक साथ नहीं होगा, धीरे-धीरे इसे अपनाएं।

Ph का मतलब क्या होता है ?

pH वो इकाई या पैमाना है, जो यह बताता है कि कौन सा भोज्य पदार्थ अल्कलाइन यानि क्षारीय है और कौन सा एसिडिक यानि अम्लीय है.

PH की वैल्यू कितनी होती है –

pH लेवल की वैल्यू  0–14 के बीच होती है

जिसकी वैल्यू  0.0–6.9 होती है वह एसिडिक है

जिसकी वैल्यू  7.0 है वो न्यूट्रल है

जिसकी वैल्यू  7.1–14.0 के बीच है वो अल्कलाइन या क्षारीय  है।

Ph का प्रभाव –

जब हमारे खून में अम्लीयता बढ़ जाये अर्थात क्षारीयता कम हो जाये तो उस अवस्था में शरीर में कई प्रकार के रोग होने लगते हैं। शरीर के स्वस्थ रहने के लिए ph का बैलेन्स होना जरूरी है । ph के डिस्टर्ब होने से कई प्रकार की बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है और कमजोरी होने लगती है। इससे उम्र तेज़ी से बढ़ती हुई दिखती है। डीमिनरलाइजेशन, थकान, कमजोरी, एन्ज़ाइम की गड़बड़ी होने लगती है। शरीर में सूजन और बॉडी में कई अंग खराब होने लगते हैं।

एल्कलाइन डाइट के फायदे:

  1. शारीरिक सुरक्षा बढ़ाना: एल्कलाइन आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है और वायरल संक्रमणों और बैक्टीरियल संक्रमणों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
  1. स्वस्थ वजन बनाए रखना: एल्कलाइन आहार वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और अतिरिक्त वसा को घटाने में सहायक हो सकता है।
  1. अधिक ऊर्जा और सक्रियता: इस डाइट से शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है जो दिनभर की गतिविधियों को संभालने में मदद करती है।
  1. पाचन सिस्टम को सुधारना: एल्कलाइन आहार पाचन सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है और अन्य आहार अवस्थाओं की तुलना में अधिक पाचन शक्ति प्रदान कर सकता है।

PH कैसे मापते हैं:

pH स्तर का मापन करने के लिए विशिष्ट पेपर(लिट्मस) या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग करें। यह उपकरण आपको शरीर के विभिन्न भागों का pH स्तर मापन करने में मदद करेगा। इसके आधार पर, आप आपके आहार और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं ताकि शरीर का pH स्तर स्वस्थ सीमा में रहे।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की हम पुष्टि नहीं करते हैं ।  इनको केवल सुझाव के रूप में लें। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

FAQ (Alkaline Diet Kya Hai?)

Alkaline Food कौन कौन se hain?

एल्कलाइन आहार में आप सेब, जामुन, नींबू, संतरा जैसे फलों को शामिल कर सकते हैं, साथ ही हरी सब्जियां जैसे एस्पैरेगस, ब्रॉकोली, गाजर, अजवाइन, खीरा, हरी सेम, ककड़ी, आदि भी जोड़ सकते हैं।

सबसे ज्यादा क्षारीय भोजन कौन सा है?

नींबू सबसे अधिक क्षारीय होता है।

अम्लीय भोजन क्या है?

4.6 से कम पीएच वाले आहार में एसिड की मात्रा अधिक हो सकती है। इसमें कई खट्टे फल, आलूबुखारा, अंगूर, अनार और अन्य कई फल शामिल हो सकते हैं। टमाटर, जो तकनीकी रूप से एक फल है, अम्लीय भी होता है। अम्लता को परिभाषित करते हुए, पीएच मान आपको बताता है कि कोई चीज़ अम्लीय, क्षारीय या तटस्थ है।

बॉडी को एल्कलाइन कैसे करें?

बॉडी को एल्कलाइन करने के लिए आपको एल्कलाइन आहार का अनुसरण करना चाहिए। इससे शरीर में एसिड का निर्माण कम होता है। एल्कलाइन आहार में ज्यादातर ऐसे फल, नट्स, हरी पत्तेदार शामिल किए जाते हैं जो एसिड नहीं बनाते हैं!

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